Workshop on 'Matlab & its Application in Engineering' @ HCST

आर्टिफिषियल इंटैलीजेंस, इंटैलीजेंट रोबोट्स एवं इंटैलीजेंट फोरकास्टिंग में होगी सहायक मैटलैब एकेटीयू द्वारा प्रायोजित हिन्दुस्तान कॉलेज में ‘मैटलैब’ की काय र्षाला में लगभग 18 इ ंजीनियरिंग कॉलेजो ं के षिक्षक कर रहे प्रतिभाग शारदा ग्रुप के प्रतिष्ठित संस्थान हिन्दुस्तान कॉलेज ऑफ साइंस एण्ड टेक्नोलोजी में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्रावधिक विष्वविद्यालय उत्तर प्रदेष लखनऊ द्वारा प्रायोजित इलैक्टींकल एण्ड इलैक्टोंनिक्स में ‘मैटलैब एण्ड इट्स एप्लीकेषंस इन इंजीनियरिंग’ पर 6 दिवसीय षिक्षक प्रषिक्षण कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 04 जून, 2018 से 09 जून, 2018 के दौरान किया जा रहा है जिसका विधिवत उद्घाटन कार्यषाला में उत्तर प्रदेष के लगभग 18 इंजीनियरिंग कॉलेजों के लगभग 35 से अधिक षिक्षक एवं षिक्षिकाओं ने अपना पंजीकरण कराये हैं। विदित रहे कि इस कार्यषाला के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि दयालबाग एजूकेषनल इंस्टीट्यूट के इलैक्टींकल विभाग प्रो. डॉ. डी. के. चतुर्वेदी रहे। कार्यषाला का षुभारम्भ मुख्य एवं विषिष्ट विभूतियों द्वारा माँ षारदा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। सर्वप्रथम इलैक्टींकल एण्ड इलैक्टोंनिक्स विभाग की विभागध्यक्षा एवं कार्यषाला की समन्वयक डॉ. ऋचा कपूर ने मैटलैब एण्ड इट्स एप्लीकेषन की कार्यषाला में व्याख्यान कर्ता विषेषज्ञों एवं प्रतिभागियों के साथ-साथ मुख्य विषयों जिन पर कार्यषाला में चर्चा होनी है पर संक्षिप्त विवरण दिया। संस्थान के निदेषक डॉ. राजीव कुमार उपाध्याय ने संस्थान के संक्षिप्त इतिहास पर प्रकाष डाला तथा कार्यषाला में आये हुये मुख्य अतिथि, प्रतिभागियों का स्वागत करते हुये उनके आने का आभार व्यक्त किया साथ ही एकेटीयू के कुलपति श्री डॉ. विनय कुमार पाठक का धन्यवाद दिया। इस कार्यषाला की सफलता को भांपते हुये श्री उपाध्याय ने सभी प्रतिभागियों से यह उम्मीद जताई कि वह इस कार्यषाला के बाद मैटलैब एवं उपयोग में विषेज्ञता हासिल करने में सक्षम होंगे। दयालबाग एजूकेषनल इंस्टीट्यूट के इलैक्टींकल विभाग प्रो. डॉ. डी. के. चतुर्वेदी ने कहा कि मैटलैब सौफ्ट कम्यूटिंग ही नहीं बल्कि जो कुछ आप प्राप्त करना चाहते हैं उसकी खोज का माध्यम है। चित्र एवं ग्राफ के विषेष दर्षन में यह सहायक है तथा ऑटो इमेज प्रोसेसिंग में भी बहुत मददगार है। पुराने समय में किसी भी गणना के लिए एक पृष्ठ की प्रोग्रामिंग हुआ करती थी जो आज एकल लाइन कमांड हो गया है। यह सब मैटलैब की देन है। कार्यषाला के अगले दिन दयालबाग एजूकेषनल इंस्टीट्यूट के कम्प्यूटर साइंस विभाग के प्रो. संदीप पॉल ने अपना मैटलैब में आर्टीफिषियल न्यूरल नैटवर्क एवं फजी लॉजिक के उपयोग पर अपना विषेष व्याख्यान दिया। उन्होंने डीप लर्निंग जैसे ज्वलंत विषय पर चर्चा की जिसको प्रतिभागियों द्वारा विषेष दिलचस्पी के साथ सीखा। कार्यषाला के सांयकालीन सत्र में डिजीटैक से आये श्री अखिलेष कुमार ने मैटलैब के मूल बात और अलग-अलग सिमुलिंक के बारे में बताया। उन्होंने मैटलैब के अलग-अलग विन्डोज जैसे कमाण्ड विण्डोज, एडीटर, वर्क स्पेष इत्यादि के बारे में बताया।