Educational Tour

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आनंद इंजीनियरिंग कॉलेज, आगरा के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के छात्रों ने वृंदावन चंद्रोदय मंदिर, इस्कॉन मंदिर तथा अक्षयपात्र मंदिर, मथुरा, (उ. प्र.) में निर्माणाधीन गगनचुंबी इमारत का एक दिवसीय औद्योगिक (शैक्षिक) दौरा किया। गतिविधि का उद्देश्य छात्रों को एक गगनचुंबी इमारत में योजना, निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, संचालन, आर.एम.सी. कंक्रीट, नींव विवरण, परियोजना प्रबंधन और भूकम्प प्रतिरोधी तकनीक के बारे में शिक्षित करना था। वृंदावन चंद्रोदय मंदिर एक निर्माणाधीन मंदिर है। जैसा कि योजना बनाई गई है, यह दुनिया का सबसे ऊंचा धार्मिक स्मारक होगा।

300 करोड़ की अपनी अपेक्षित लागत पर यह दुनिया के सबसे महंगे मंदिरों में से एक होगा। मंदिर की योजना इस्कॉन बैंगलोर द्वारा बनाई गई है। योजना के अनुसार( मंदिर में लगभग700 फीट (213 मीटर या 70 मंजिल) की ऊंचाई और 5,40, वर्ग फुट का निर्मित क्षेत्र 000प्रस्तावित है। यह परियोजना 62 एकड़ भूमि में स्थापित है और इसमें पार्किंग के लिए 12 एकड़ जमीन और एक हेलीपैड शामिल है।   इस्कॉन मंदिर इकाई की योजना और समन्वय से छात्र बहुत प्रभावित हुए। इस्कॉन सामाजिक अखंडता, टीम वर्क, सहयोग, गुणवत्ता, खुलेपन और पारदर्शिता में विश्वास करता है। यह छात्रों के लिए सीखने का एक शानदार अनुभव था। इस्कॉन मंदिर की वास्तुकला ने सभी छात्रों को बहुत प्रभावित किया। यात्रा अच्छी तरह से आयोजित की गई थी और अच्छे सीखने के परिणाम मिले। यात्रा का सफल आयोजन और समन्वय श्री आत्रेय पांडे, एचओडी, सिविल, श्री शुभम सक्सेना, श्री पी.के.सिंह, सुश्री अपाला अग्रवाल और अन्य सभी संकायों और कर्मचारियों के सदस्यों द्वारा किया गया।   आनंद इंजीनियरिंग कॉलेज, आगरा के निदेशक डॉ शैलेंद्र सिंह ने औद्योगिक यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा करने पर संकाय और छात्रों को बधाई दी।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की तकनीकी यात्राओं से न केवल छात्रों के समग्र विकास और विकास में मदद मिलती है बल्कि उन्हें विस्तार से निर्माण प्रक्रिया को समझने में भी मदद मिलती है।   श्री वाई.के.गुप्ता, उपाध्यक्ष और श्री वी.के. शर्मा, कार्यकारी उपाध्यक्ष, शारदा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने छात्रों की सराहना की और उन्हें बधाई दी। उनके अनुसार इस तरह की यात्राओं से छात्रों को व्यावहारिक रूप से लाभ मिलेगा और उन्हें भविष्य में कॉर्पोरेट उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक कौशल हासिल करने और दक्षताओं को विकसित करने में भी मदद मिलेगी।