Guest Lecture by Dr R K Awasthi at Induction Program @ HCST

Guest Lecture by Dr R K Awasthi at Induction Program @ HCST
मानव के इतिहास में उसक े जीवन क े लिए विज्ञान क े उदय से बेहतर कोई घटना नहीं है। जब विज्ञान का उदय हुआ उस समय विश्व अज्ञानता, दुखों और विपत्तियों स े घिरा हुआ था। विज्ञान ने ही इस अज्ञानता को दूर कर मुश्किलों को कम करने में सार्थक भूमिका निभाई है। विज्ञान की इस महत्ता क े बार े में विश ेषज्ञों न े छात्रों को एक कार्यशाला क े अंतर्गत जानकारी दी। शारदा गु ्रप ऑफ एज ूकेशनल इंस्टीट ्यूट क े प्रतिष्ठित स ंस्थान हिन्दुस्तान कॉलेज ऑफ साइंस एंड ट ेक्नोलॉजी में प्रथम वर्ष क े छात्रों को विज्ञान क े महत्व और उसकी उपलब्धियों स े रूबरू कराया गया। कई राष्टींय पुरस्कारों स े सम्मानित सेंट जॉजि र्ज इंटर कॉलेज के भौतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. राकेश क ुमार अवस्थी न े छात्रों को बताया कि हमार े द ैनिक जीवन की हर गतिविधि में विज्ञान का समावेश है। विज्ञान वह व्यवस्थित ज्ञान है जो विचार, अवलोकन, अध्ययन और प्रयोग स े मिलती है, जो किसी अध्ययन क े विषय की प्रकृति या सिद्धांतों को जानने क े लिए किए जात े है ं। डा. अवस्थी न े प्रयोगात्मक उदाहरण द ेते हुए बडी ही सहजता स े विज्ञान की बारीकियों को समझाया। उन्होंन े स ेंटर ऑफ मास की धारणा छात्रों को समझाते हुए दिखाया कि आप किस तरह एक पैर पर खड े नहीं हो सकते। एक गिलास में पानी भरा और नीचे स े गिलास को कागज लगाकर बंद कर दिया, फिर गिलास को उल्टा करक े दिखाया तो कागज नहीं गिरा, पानी कम करन े और गिलास खाली करने पर भी कागज नहीं गिरा। इसकी वजह उन्होंन े सतही तनाव को बताया। डा. अवस्थी न े बल्ब स े लेकर लाइट देखन े तक की बात को सरल तरीके से समझाया। एक बोतल में आधा पानी लिया और उसमें लेजर क े माध्यम स े रोशनी डाली, जो नहीं दिखी। फिर उन्हो ंन े पानी में डिटौल की दो बूंद डालीं तो पानी क े अंदर एक विद्युत र ेखा नजर आने लगी। पूजा में प्रयोग होन े वाली धूपबत्ती का धुंआ डाला तो विद्युत र ेखा पूर्ण नजर आने लगी। इसी का इस्त ेमाल करते हुए उन्होंने बिजली का प्रतिबिंब और अपर्वतन सिद्धांत समझाया। सिर्फ एक बॉल के इस्त ेमाल स े उन्होंन े छात्रों को विवत र्न नियम से रूबरू कराया। ध्वनि क े नियम को भी उन्होंन े छात्रों क े सामन े उदाहरण के साथ रखा। डा. अवस्थी स े अपन े प्रश्नों क े उत्तर पूछकर छात्रों न े भी अपनी जिज्ञासाएं शांत कीं। कॉलेज के निदेशक डा. राजीव क ुमार उपाध्याय और डीन फैकल्टी डा. हर ेंद ्र सिंह चौहान ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान प्रथम वर्ष समन्वयक डा. सुरूचि, परीक्षा नियंत्रक डा. आरके तिवारी, डा. पंकज खन्ना, आन ंद पोरस, विजय कट ्टा सहित सभी हॉस्टल वा ॅड र्न, शिक्षकगण आदि उपस्थित थे।