Valedictory Function of Personality & Employability Development program @ HIMCS

Valedictory Function of Personality & Employability Development program @ HIMCS
स्वरोजगार, रोजगार की वो राह जिस पर हम चलकर अपनी मंजिल को पा सकते है, आत्मविश्वास स दिखाई देती है और आत्मविश्वास, हुनर से पैदा होता है। इसलिए जरूरी है कि कामयाब होन े क े लिए पहले खुद क े कौशल को पहचानें, उस े निखार ें और आत्मविश्वास हासिल कर मजबूती स े आगे बढ ें।फरह स्थित हिन्द ुस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड कंप्यूटर स्टडीज में विशेषज्ञों न े छात्रों को मायूसी और निराशा को खुद स े कोसों द ूर रखने की सलाह दी। स ंस्थान में विगत 20 दिनों से चल रहा व्यक्तित्व विकास एवं रोजगारपरक प्रशिक्षण शिविर शनिवार को स ंपन्न हुआ। इसमें स ंस्थान के निदेशक डा. नवीन गुप्ता न े छात्रों में कौशल विकास क े साथ ही आत्मविश्वास पैदा करने की कोशिश की। कहा कि क ुछ समय तक निरंतर अपन े प्रयास में सफलता न मिलना धैर्य को परखने का वक्त होता है। इसका प्रभाव व्यक्ति के आत्मविश्वास पर पडता है। परिणाम यह होता है कि आत्मविश्वास डगमगान े लगता है। इसस े बचन े के लिए अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचान ें और उन्हें निखारते हुए आगे बढ ें। जब आपक े पास स ंबंधित काम का हुनर होता है, उसकी बारीकियों को गहराई से जानते है ं तो आपको खुद की काबलियत पर भरोसा होता है। यही भरोसा और विश्वास आपके चेहर े पर आत्मविश्वास क े रूप में झलकता है। इसलिए अपनी काबलियत को पहले निखारें। 20 दिना ें म ें छात्रा ें न े सीख े कई ग ुर 20 दिनों तक डा. नवीन गुप्ता क े स ंरक्षण में चले इस शिविर मे ं 20 प्रतिभागियों न े हिस्सा लिया था। डा. अभिलाषा सि ंह, रिज ु ए सिंह एवं स ंस्थान के अन्य शिक्षकों न े छात्रों को बायोड ेटा बनाना, जॉब पोट र्ल पर खुद को पंजीकृत करना, पब्लिक स्पीकिंग, व्यवहारिक शिष्टाचार, इमोशनल इंटेलीजस, हैज एवं स ेल्फ एनालाइसिस, आत्मविश्वास, समय प्रबंधन और व्यक्तित्व निर्माण पर जानकारी दी। शनिवार यानि अंतिम दिन प्रतिभागियों न े कई विषयों पर प्रजेंट ेशन दिए जिसमें व्यक्तिगत जीवन में सोशल मीडिया का महत्व, नोटबंदी का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव एवं आगरा शहर की मुख्य समस्याएं एवं उनका निराकरण आदि विषय शामिल रहे। मानसिक प्रशिक्षण भी चाहिए स ंस्थान प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविर समय-समय पर आयोजित किए जाते है ं। इनके जरिए छात्रों को मानसिक रूप स े प्रशिक्षित करने में मदद मिलती है। शारीरिक कसरत की तरह ही दिमागी कसरत भी जरूरी है। ऐस े तो कई तरह के मानसिक व्यायाम क े कार्यक ्रमों स े ज ुड कर दिमाग को तरोताजा रख सकते है ं। लेकिन छात्रों को यह शिविर मानसिक मजबूती प्रदान करते है ं।.